कान Ear के रोग

कान का दर्द (Otalgia) कान का दर्द किस कारण से हो रहा है, इसका पता लगा लेना जरूरी है ताकिउसी के अनुसार चिकित्सा की जा सके। इसे भी ध्यान में रखना ठीक होगा कि पीड़ा अथवा समस्या (1) बाहरी कान (External Ear) (2) मध्य कान (MiddleEar) तथा (3) भीतरी कान (Inner Ear) में कहाँ परContinue reading “कान Ear के रोग”

दांतो के रोग

दाँतों का दर्द (Toothache) अच्छे स्वास्थ्य के लिए दाँतों की देखभाल बहुत जरूरी है। दाँतों की सफाई न करने से हृदय रोग के भी शिकार होने का खतरा हो सकता है। दाँतों के इर्द-गिर्द के तन्तुओं (मसूड़ों एवं हड्डी) की बीमारी को पैरिया डेण्टल डिजीज कहते है। इसमें पहले मसूड़े मुलायम हो जाते है तथाContinue reading “दांतो के रोग”

नाक Nose

1. नाक के अर्बुद (Polyp in Nose) इस रोग में नाक से अन्दर झिल्ली बन जाती है, जिससे नाक बन्द सी होने लगती है। (a) मर्क सोल 30- नाक में अर्बुद की यह एक बहुत अच्छी दवा मानी जाती है। (b) वेराइटा कार्व 30- जब टान्सिल के साथ नाक में अर्बुद हो। (C) कैलकैरिया कार्वContinue reading “नाक Nose”

गला Neck

गले का प्रदाह दर्द और सूजन (Pharyngitis) गले में कुछ भी निगलते समय दर्द का अहसास होता है। (a) कैलि वाइ क्रोम 30 : गले के अन्दर के घावों में, खाँसी में तथा गले के बैठने में यह दवा बड़ी ही उपयोगी मानी जाती है। (b) हिपर सल्फ 30 : गले में कफ तथा गलेContinue reading “गला Neck”

मुख के रोग

मुख के छाले (Apthae) मुख में छालों का होना बड़ा कष्टकर एवं पीड़ादायक रोग है। जीभ और मुख के छाले और जख्म, जीभ सूखी तथा उसके दोनों तरफ तेज दर्द का होना इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं। इसका सफलतापूर्वक इलाज सम्भव है। (a) कैलकेरिया कार्व 30: दाँतों का खट्टापन, खट्टी डकारें, मुँह से खट्टाContinue reading “मुख के रोग”

पेट सम्बन्धी रोग

पेट सम्बन्धी रोग तथा उपचार हम सभी जानते है कि सभी प्रकार के दोषों और विकारों का उत्पत्ति स्थल हमारा पेट ही है और हमारे पेट के स्वास्थ्य पर ही शरीर की समस्त प्रणालियों तथा अवयवों का स्वास्थ्य भी अवलम्बित है। यदि हमारा पेट ठीक रहेगा तो हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और यदि हमाराContinue reading “पेट सम्बन्धी रोग”

होमेओपेथी आवश्यक निर्देश

किसी भी बीमारी की चिकित्सा करते समय रोगी के धातुगत लक्षणमानसिक लक्षण तथा रोग के लक्षणों के साथ जिस दवा के लक्षणों कासबसे अधिक समानता हो, उस दवा का उस रोग में प्रथम प्रयोग करनाचाहिए। कुछ दवाओं को छोड़कर प्रायः सभी दवायें हानिरहित एवं प्रभावशालीहैं। होमियोपैथिक दवायें शिशु, युवा तथा बुजुर्ग एवं स्त्रियों के लिएसमानContinue reading “होमेओपेथी आवश्यक निर्देश”

होम्योपैथिक बातचीत

आपसे सबसे अनुरोध है कि आप अपने विचारों का आदान प्रदान कर सकते। जैसे कि किसी भी बीमारी के बारे में लिख सकते या आप कोन सी दवाइयां इस्तेमाल कर रहे है । तथा आप यहाँ किसी उपयोगी दवा कर वर्णन कर सकते है । विचारों के आदान प्रदान से ज्ञान बढ़ता है । curehomeoappContinue reading “होम्योपैथिक बातचीत”

HOMEO TIPS PAGE 4

DECALCIFICATIONCalcarea Carbonicum and phosphorus are the specific homeopathic remedies for delayed dentition. DIABETESSome of the constitutional medicines for Diabetes Mellitus are Argentum Nitricum, Calcarea Carbonicum, Natrium Muriaticum, Phosphorus, Sulphur, etc. DIPHTHERIALachesis 30 – Great prostration, throat very painful, action of heart weak. Left side membrane first affected which spreads to right side. Lycopodium Clavatum 200Continue reading “HOMEO TIPS PAGE 4”

Homeopathy Tips Page 3

BRONCHITISAntimonium Tartaricum, Arsenicum Album, Bryonia Alba, Carbo Vegetabilis, Hepar Sulphuris, Ipecacuanha, Mercurius Solubilis, Phosphorus, Pulsatilla Nigricans, etc. are some of the commonly used medicines for bronchitis. BUBONIC PLAGUEBadiaga in low potency taken internally and tincture applied over the bubo is effective inbubonic plague. The nosode Pestinum or Plaguinum (30-200) may be administered twice daily asContinue reading “Homeopathy Tips Page 3”

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