हृदय रोग Heart Diseases

हृदय रोग (Heart Diseases) 1. उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) हमारे शरीर में धमनी या शिरा द्वारा रक्त पूरे शरीर में संचालित होता रहता है। किन्हीं कारणों से धमनियों के मोटे हो जाने पर रक्त संचालन में बाधा उत्पन्न होने लगती है। तब हृदय को अधिक दबाव देकर रक्त को सारे शरीर में पहुँचाना पड़ताContinue reading “हृदय रोग Heart Diseases”

हड्डियों के रोग और जोड़ों के दर्द

(Bones, Jonts and Muscular Pains) 1. सन्धि शोथ (Arthritis) इसे बीमारी में सन्धियों का शोथ एवं अँगुलियों, कलाई, घुटने, कंधे में सूजन आ जाती है। यह रोग बहुत ही पीड़ाजनक होता है। इस रोग के लिए निम्न दवायें हितकारी मानी गयी हैं- (a) गुलथेरिया क्यू- इसकी मालिश करने से जोड़ों में आराम मिलता है। (b)Continue reading “हड्डियों के रोग और जोड़ों के दर्द”

स्त्री रोग Female Diseases

स्त्री रोग (Female Diseases) अधिकतर महिलाओं की समस्यायें मासिक स्राव से सम्बन्धित होती है, उन्हें मासिक स्राव की अनियमितताओं के कारण अनेक कष्ट भोगने पड़ते हैं। इसके पहले कि उनका इलाज आरम्भ किया जाये उनकी बीमारी के लक्षणों का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए, इसमें विवरण, लक्षण, देखना, सुनना, प्रश्न करना सभी शामिल होना चाहिए।Continue reading “स्त्री रोग Female Diseases”

मोटापा Obesity

मोटापा (Obesity) मोटापा आज की आधुनिक जीवनशैली की देन है। आज के अधिकतर बच्चे, स्त्रियों, पुरुष सभी इस समस्या से ग्रस्त नजर आते हैं। इसके कारण मनुष्य अन्य बीमारियों से ग्रस्त हो रहा है। जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग आदि, मोटापा के कारणों में खान-पान एवं गलत जीवनशैली, श्रम का अभाव, हारमोन्स का असन्तुलनContinue reading “मोटापा Obesity”

त्वचा के रोग

त्वचा के रोग 1. फोड़े-फुन्सियाँ (Boils) (a) आर्निका माण्टेना 200- यह फुन्सियों के रोकने में बहुत सहायक है। (b) इग्नेशिया- लगातार फुन्सियाँ निकलने को रोकने में सहायक होता है। (c) काली कार्ब 30- मलद्वार के चारों ओर खुजलाहट एवं फुन्सियाँ। (d) टेरण्टुला क्यूबेन्सिस 30- फुन्सियों के उपचार हेतु प्रभावी दवा। 2. दाद (Eczema) यह एकContinue reading “त्वचा के रोग”

मूत्र रोग Urinary Diseases

मूत्र रोग स्त्री तथा पुरुष दोनों इस रोग से ग्रसित होते हैं, इसके प्रमुख लक्षण है- अत्यन्त कठिनाई एवं दर्द के साथ पेशाब का होना तथा बार-बार मूत्र की इच्छा, पेशाब में जलन का होना भी इसका सामान्य लक्षण होता है। मूत्राशय शोथ का होन भी इसका लक्षण माना गया है। इन लक्षणों में कैथारिसContinue reading “मूत्र रोग Urinary Diseases”

छाती व फेफड़ों के रोग

फेफड़ों के रोग फेफड़े के रोग के कई प्रकार होते हैं, जैसे- खाँसी, कूकरखाँसी ब्राकाइटिस, प्लुरिसी, छाती में पानी भर जाना आदि। सूखी खाँसी में एकोनाइट 30, वेलोडोना 30, वायोनिया 6-30, कैप्सिकम 6, कूकरखाँसी में एकोनाइट 30, वेलाडोना 30, ब्रोमिन 6X तथा सूखी सर्दी में एमोन कार्व 6X, सर्दी के साथ बेचैनी में आर्सेनिक, आजेण्टमContinue reading “छाती व फेफड़ों के रोग”

ज्वर Fever बुखार

ज्वर रोग (Fever) हमारे शरीर में जब भी तापक्रम 99 डिग्री फारेनहाइट से अधिक होने लगे तो समझें कि बुखार आ गया है। अगर बुखार 102 डिग्री तक चढ़ जाये तो भी ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए। टायफायड, मलेरिया, फ्लू आदि में तो बुखार 104 डिग्री से 105 डिग्री तक जा सकता है, तब इसकाContinue reading “ज्वर Fever बुखार”

सिर के रोग

सिर के रोग : पहले सिरदर्द के कारण का निदान आवश्यक होता है। 1. सिरदर्द (Headache): की अनेक दवायें हैं जिनमें प्रमुख हैं- (a) व्रायोनिया 30- कब्ज के कारण जब धीरे-धीरे सिरदर्द होता हो तो रोगी चुपचाप लेटना पसन्द करता है। हिलने-डुलने से रोग बढ़ता है प्यास ज्यादा लगती है। (b) ग्लोनाइन 200- धूप याContinue reading “सिर के रोग”

आँखों के रोग Eye Diseases

आँख के रोगों में प्रमुख (1) आँख आना (Conjunctivitis) (2) मोतियाबिन्द और (3) गुहेरी रोग माने गये हैं। इसके अलावा कमजोर दृष्टि (Weak Vision) की भी समस्या प्रायः लोगों में पायी जाती है जिसके लिए रूटा 30, फॉस्फोरस 200 तथा फाइजोस्टिमा 200 प्रमुख दवा है। 1. आँख का आना (Conjunctivitis): कभी-कभी आँख एकदम से लालContinue reading “आँखों के रोग Eye Diseases”

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