छाती व फेफड़ों के रोग

फेफड़ों के रोग फेफड़े के रोग के कई प्रकार होते हैं, जैसे- खाँसी, कूकरखाँसी ब्राकाइटिस, प्लुरिसी, छाती में पानी भर जाना आदि। सूखी खाँसी में एकोनाइट 30, वेलोडोना 30, वायोनिया 6-30, कैप्सिकम 6, कूकरखाँसी में एकोनाइट 30, वेलाडोना 30, ब्रोमिन 6X तथा सूखी सर्दी में एमोन कार्व 6X, सर्दी के साथ बेचैनी में आर्सेनिक, आजेण्टमContinue reading “छाती व फेफड़ों के रोग”

ज्वर Fever बुखार

ज्वर रोग (Fever) हमारे शरीर में जब भी तापक्रम 99 डिग्री फारेनहाइट से अधिक होने लगे तो समझें कि बुखार आ गया है। अगर बुखार 102 डिग्री तक चढ़ जाये तो भी ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए। टायफायड, मलेरिया, फ्लू आदि में तो बुखार 104 डिग्री से 105 डिग्री तक जा सकता है, तब इसकाContinue reading “ज्वर Fever बुखार”

सिर के रोग

सिर के रोग : पहले सिरदर्द के कारण का निदान आवश्यक होता है। 1. सिरदर्द (Headache): की अनेक दवायें हैं जिनमें प्रमुख हैं- (a) व्रायोनिया 30- कब्ज के कारण जब धीरे-धीरे सिरदर्द होता हो तो रोगी चुपचाप लेटना पसन्द करता है। हिलने-डुलने से रोग बढ़ता है प्यास ज्यादा लगती है। (b) ग्लोनाइन 200- धूप याContinue reading “सिर के रोग”

आँखों के रोग Eye Diseases

आँख के रोगों में प्रमुख (1) आँख आना (Conjunctivitis) (2) मोतियाबिन्द और (3) गुहेरी रोग माने गये हैं। इसके अलावा कमजोर दृष्टि (Weak Vision) की भी समस्या प्रायः लोगों में पायी जाती है जिसके लिए रूटा 30, फॉस्फोरस 200 तथा फाइजोस्टिमा 200 प्रमुख दवा है। 1. आँख का आना (Conjunctivitis): कभी-कभी आँख एकदम से लालContinue reading “आँखों के रोग Eye Diseases”

कान Ear के रोग

कान का दर्द (Otalgia) कान का दर्द किस कारण से हो रहा है, इसका पता लगा लेना जरूरी है ताकिउसी के अनुसार चिकित्सा की जा सके। इसे भी ध्यान में रखना ठीक होगा कि पीड़ा अथवा समस्या (1) बाहरी कान (External Ear) (2) मध्य कान (MiddleEar) तथा (3) भीतरी कान (Inner Ear) में कहाँ परContinue reading “कान Ear के रोग”

दांतो के रोग

दाँतों का दर्द (Toothache) अच्छे स्वास्थ्य के लिए दाँतों की देखभाल बहुत जरूरी है। दाँतों की सफाई न करने से हृदय रोग के भी शिकार होने का खतरा हो सकता है। दाँतों के इर्द-गिर्द के तन्तुओं (मसूड़ों एवं हड्डी) की बीमारी को पैरिया डेण्टल डिजीज कहते है। इसमें पहले मसूड़े मुलायम हो जाते है तथाContinue reading “दांतो के रोग”

नाक Nose

1. नाक के अर्बुद (Polyp in Nose) इस रोग में नाक से अन्दर झिल्ली बन जाती है, जिससे नाक बन्द सी होने लगती है। (a) मर्क सोल 30- नाक में अर्बुद की यह एक बहुत अच्छी दवा मानी जाती है। (b) वेराइटा कार्व 30- जब टान्सिल के साथ नाक में अर्बुद हो। (C) कैलकैरिया कार्वContinue reading “नाक Nose”

गला Neck

गले का प्रदाह दर्द और सूजन (Pharyngitis) गले में कुछ भी निगलते समय दर्द का अहसास होता है। (a) कैलि वाइ क्रोम 30 : गले के अन्दर के घावों में, खाँसी में तथा गले के बैठने में यह दवा बड़ी ही उपयोगी मानी जाती है। (b) हिपर सल्फ 30 : गले में कफ तथा गलेContinue reading “गला Neck”

मुख के रोग

मुख के छाले (Apthae) मुख में छालों का होना बड़ा कष्टकर एवं पीड़ादायक रोग है। जीभ और मुख के छाले और जख्म, जीभ सूखी तथा उसके दोनों तरफ तेज दर्द का होना इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं। इसका सफलतापूर्वक इलाज सम्भव है। (a) कैलकेरिया कार्व 30: दाँतों का खट्टापन, खट्टी डकारें, मुँह से खट्टाContinue reading “मुख के रोग”

पेट सम्बन्धी रोग

पेट सम्बन्धी रोग तथा उपचार हम सभी जानते है कि सभी प्रकार के दोषों और विकारों का उत्पत्ति स्थल हमारा पेट ही है और हमारे पेट के स्वास्थ्य पर ही शरीर की समस्त प्रणालियों तथा अवयवों का स्वास्थ्य भी अवलम्बित है। यदि हमारा पेट ठीक रहेगा तो हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और यदि हमाराContinue reading “पेट सम्बन्धी रोग”

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