दवाइयां कैसे प्रयोग करें?

किसी भी बीमारी के एक्यूट या नये रूप में 3x से 6x क्रम तक की दवा 2 से 8 घंटों के अंतराल से प्रयोग में ली जाती है। रोग के एमरजेन्सी रूप में 5 से 10 मिनट के अंतराल से भी दवा दी जाती है। बायोकैमिक दवा को सादे या गुनगुने पानी के साथ या उसमें मिलाकर या दवा सीधे ही मुंह में डालकर चूसा जा सकता है। जबकि होम्योपैथिक दवा को सीधे जीभ पर गिराकर या कुछ दवाइयों को गुनगुने पानी में मिलाकर दी जाती है। रोग के पुराने रूप (chronic) में 12x से 200x क्रम तक की दवा प्रयोग की जाती है। आजकल बायोकैमिक दवाइयों के मिक्चर भी उपलब्ध होते हैं जो क्रम संख्या 1 से 28 तक होते हैं। बाहर त्वचा पर लगाने के लिए मल्हम व लोशन प्रयोग में लिये जाते हैं। लोशन बनाने के लिए 3x पोटेन्सी की दवा के 15-20 ग्रेन चूर्ण या गोली को एक लिटर गरम पानी में मिलाकर घाव धोने के लिए प्रयोग में लिया जाता है। मल्हम बनाने के लिए एक भाग दवा में 9 भाग वैसेलिन या ग्लिसरीन मिलाई जाती है।

विशेष बात यह कि दवा जितनी कम होती है दवा की शक्ति यानी लाभ पहुंचाने की शक्ति उतनी ही बढती जाती है।

बायोकेमिक दवाइयां जर्मनी, अमेरिका, भारत आदि देशों में बनती है। भारत में बनने वाली दवाइयां अपेक्षाकृत सस्ती होती है।

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