त्वचा के रोग

त्वचा के रोग

1. फोड़े-फुन्सियाँ (Boils)

(a) आर्निका माण्टेना 200- यह फुन्सियों के रोकने में बहुत सहायक है।

(b) इग्नेशिया- लगातार फुन्सियाँ निकलने को रोकने में सहायक होता है।

(c) काली कार्ब 30- मलद्वार के चारों ओर खुजलाहट एवं फुन्सियाँ।

(d) टेरण्टुला क्यूबेन्सिस 30- फुन्सियों के उपचार हेतु प्रभावी दवा।

2. दाद (Eczema)

यह एक प्रकार का चर्म रोग है। खुजली और जलन होती है। चकत्ते हो जाते हैं।

निम्न औषधियाँ लाभकारी होती हैं-

(a) कैलकेरिया कार्ब 200- थुलथुले बच्चों का एक्जिमा ठीक करती है।

(b) आर्सेनिक एलवम 30- त्वचा मोटी, जलन तथा मवाद पड़ जाना।

(c) क्रोटन टिटा 30- अण्डकोष की थैली के एग्जिमा में लाभ।

(d) हिपर सल्फ 30- एग्जिमा में मवाद पड़ जाना।

(e) सीपिया 1000- दाद, सफेद दाने, अंगुलियों के बीच खुजली।

(1) नैट्रम म्यूर 200- बच्चों के सिर पर एग्जिमा के मवाद में पपड़ी पड़ जाना।

(g) रसटाक्स 200- चेहरे पर होने वाले एग्जिमा में लाभदायक है।

3. पित्ती (Urticaria)

(a) पल्सेटिला 30- पित्ती की दवा, ठण्ड से आराम गरम से वृद्धि।

(b) एपिस 1000- बड़े-बड़े लाल सूजे चकत्ते दिखायी देते हैं।

(c) अर्टिका यूरेन्स 3- पित्त की प्रभावशाली दवा मानी जाती है।

4. मुहाँसे (Acne, Pimples)

(a) डल्का मारा 30- मासिक के पहले मुहाँसों का आना।

(b) एन्टिम टाई 30- मुहाँसे जिनमें मवाद भरी होती है।

(c) चूजा 30- चेहरे तथा नाक पर सीने व पीठ पर सभी जगह फैलने वाली फुन्सियाँ।

(d) बोरेक्स 3x- जैतून के तेल में मिलाकर लगाने से आराम होता है।

Sun Burn

(a) आस्टिलगो 30- धूप में झुलसी हुई खाल को ठीक करती है।

6. लू लगना (Sunstroke)

(a) नेट्म कार्व- लू लगने में प्रभावी दवा।

(b) ग्लोनाइन 200- सिरदर्द, शरीर का ताप, वमन, कलेजा धड़कना।

(c) नेट्रम म्यूर 30- होंठ सूख जाते हैं, सिरदर्द बहुत ही तीव्र होता है।

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