श्वेत प्रदर – Leucorrhoea | homeopathological treatment

श्वेत प्रदर – Leucorrhoea

अस्वस्थ रोगिणी की योनि से स्राव निकलता है जिसे श्वेत प्रदर या सफ़ेद पानी जाना कहते हैं , लेकिन यह किसी और रंग का भी हो सकता है l

●  गर्भाशय संबंधी रोगों की मुख्य दवा, पेट के निचले हिस्से में लगातार बोझ बाने रहना जैसे की भीतर के सभी अंग बाहर निकल पड़ेगें, पतला दुधिया त त्वचा को छीलने वाला कम मात्रा में स्राव , सख्त कब्ज – (सीपिया 30 या 200)

● त्वचा छीलने वाला ज्यादा देर तक रहने वाला स्राव, जलन पैदा करने वाला, बहुत कमजोरी और कमर दर्द के साथ – (क्रियोजोट 30)

● साधारण प्रदर में जब श्लेष्मा का रूप मलाई जैसा होता है; रोगिणी बात बात पर रोती है – (पल्साटिला 30 या 200)

● जलन पैदा करने वाला स्राव , खुजली और छीलन के साथ, रात में बढ़ता है – (मर्क्युरियस 30)

●  दही या अंडे की सफेदी जैसा स्राव, गर्म पानी बहने जैसा अहसास – (बोरेक्स 30)

● पतला, दुधिया स्राव, बच्चियों में श्वेत प्रदर – (कल्केरिया कार्ब 30)

● स्राव इतना अधिक की टांगों तक बह जाता हो , पतला पानी जैसा स्राव, कब्ज रहता हो – (एल्युमिना 30 या 200)

● मासिक धर्म की जगह श्वेत प्रदर होना, गुप्तांगों में खुजली व दानें , कब्ज – (ग्रेफाइटिस 30)

● जब उपरोक्त दवायों से फायदा न हो – (मैडोराइनम 200 की एक खुराक 4-5 दिन के अंतर से)

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Mumtaz begam
Mumtaz begam
6 months ago

White water goes and pain inside too stays constipation too complain waist legs etcewe have pain we have sugar. weakness too stays

Mumtaz begam
Mumtaz begam
6 months ago

सफेद पानी जाता है और अंदर में दर्द भी बहुत रहता है कब्ज का भी शिकायत है कमर पैर वगैरह मैं दर्द रहता है हमें शुगर भी है कमजोरी भी बहुत रहता है

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