रजोनिवृत्ति – Menopause | homeopathological treatment

रजोनिवृत्ति – Menopause

स्त्रियों में 40 से 50 वर्ष की उम्र में मासिक धर्म होना हमेशा के लिए बंद हो जाता है इसे रजोनिवृत्ति कहते हैं। उस समय कई तकलीफ हो सकती है जैसे- बहुत ज्यादा रक्त स्राव होना, चिड़चिड़ापन व शरीर में गर्मी की लपेटे सी महसूस होना।

 ● मुख्य औषधि। गर्मी की लपटें महसूस होना, चिड़चिड़ापन, पसीना आना, नींद से उठने के बाद तकलीफ बढ़ना – (लैकेसिस 200, दिन में दो बार) 

 ●  चेहरा एकदम गर्म हो जाना व हल्का पसीना आना। सिर में गर्मी, पैर ठंडे व पेट में कमजोरी – (सल्फर 30 या 200, दिन में दो-तीन बार) 

 ● लंबी, पतली, उदासीन औरतों के लिए जब अचानक गर्मी की लपटें महसूस हो। सफेद पानी व कमर के निचले हिस्से में दर्द हो, ठंड लगे – (सीपिया 30 या 200, दिन में दो या तीन बार) 

 ● जब रोग-लक्षण बदलते रहे। लक्षण बताते समय रोगिनी रो पड़े – (पल्साटिला 30 या 200, दिन में दो या तीन बार) 

 ● चिड़चिड़े व झगड़ालू स्वभाव की स्त्रियों में काफी मात्रा में रज:स्राव। कब्ज भी हो – (नक्स वोमिका 30, दिन में 3 बार)

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