मासिक का ज्यादा होना – Menorrhagia | homeopathological treatment

मासिक का ज्यादा होना – Menorrhagia

मासिक के समय कभी-कभी बहुत अधिक मात्रा में रक्त स्राव। अधिक खून निकल जाने से रोगी बहुत दुर्बलता महसूस करती है व उसका चेहरा पीला पड़ जाता है। 

 ● हर प्रकार के अति रज: में लाभकारी है। कभी-कभी गर्भाशय में ट्यूमर होने की वजह से भी ज्यादा रक्त स्राव होता है। – (हाइड्रेस्टिस Q, 15-20 बूंद आधे कप पानी के साथ दिन में 3 बार) 

 ● मासिक स्राव समय से पहले व बहुत मात्रा में हो, खासकर मोटी थुलथुली स्त्रियों में – (कैल्केरिया कार्ब 30 या 200, दिन में 3 बार) 

 ● ज्यादा मात्रा में काले रंग का स्राव व  बेहद कमजोरी  – (चाइना 30, दिन में 3 बार) 

 ● दर्द के साथ बहुत अधिक मात्रा में बहुत दिन तक रहने वाला स्राव  – (थलैस्पी बर्सा पी Q,15-20 बूंद आधे कप पानी के साथ दिन में 3 बार) 

 ● पेट के निचले हिस्से में बहुत भारीपन के साथ अधिक मात्रा में काले रंग का रक्त स्राव। प्रसव वेदना की तरह दर्द – (एलेटेरिस फैरीनोसा Q,15-20 बूंद आधे कप पानी के साथ दिन में 3 बार) 

 ● बहुत अधिक मात्रा में व बहुत दिनों तक रहने वाला रक्तस्राव – (अशोका Q,15-20 बूंद आधे कप पानी के साथ दिन में 3 बार) 

 ● चोट लगने के कारण चमकीले लाल रंग का रक्त स्राव – (आर्निका 30 या 200, दिन में 3 बार) 

 ● मासिक धर्म समय से बहुत पहले व बहुत अधिक हो, जी मिचलाना और पेट में बेहद दर्द – (बोरेक्स 30, दिन में 3 बार) 

 ● चमकीले लाल रंग का गर्म रक्त स्राव। सिर में दर्द, चक्कर, आंखें लाल। गर्भाशय में दबाव – (बेलाडोना 30, दिन में 3 बार) 

 ● गर्भाशय से बहुत अधिक रक्तस्राव हो – (ट्रिलियम Q, 15-20 बूंद आधे कप पानी के साथ दिन में 3 बार) 

 ● मानसिक शोक व दु:ख के कारण ज्यादा रक्त स्राव होने पर – (इग्नेशिया 30, दिन में 3 बार) 

 ● बहुत चमकीले लाल रंग का पतला रक्त स्राव। जरा से झटके से बहुत मात्रा में खून निकलना। जी मिचलाना व पेट दर्द – (इपिकैक 30, दिन में 3 बार) 

 ● बिना दर्द के बहुत ज्यादा मात्रा में रक्त स्राव – (मिलीफोलियम Q, 15-20 बूंद आधे कप पानी के साथ दिन में 3 बार) 

 ● प्रौढ़ उम्र की स्त्रियों में मासिक धर्म बंद होने के पहले बहुत मात्रा में रक्त स्राव – (लैकेसिस 30 या 200, दिन में दो या तीन बार)

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