पसीना – Perspiration | homeopathological treatment

पसीना – Perspiration

● केवल सिर पर पसीना या शरीर के सिर्फ एक भाग पर खट्टा तथा ठंडा पसीना – (कैल्केरिया कार्ब 30 या 200) 

 ● पसीने के कारण सारा सिर, माथा, गला, मुंह सब भीग जाते हैं। पसीना बहुत बदबूदार जो पांव में घाव तक कर देता है – (साइलिशिया 30 या 200) 

 ● सिर को छोड़कर बाकी सारे शरीर पर पसीना – (रस टॉक्स 30) 

 ● बगलों में बहुत दुर्गन्धित पसीना – (पेट्रोलियम 30) 

 ● बहुत कमजोरी से या घातक रोग के बाद ज्यादा पसीना आए – (चाइना 30) 

 ● आंख बंद करते हीं या सोते ही पसीना आए – (कोनियम 30 या 200) 

 ● शरीर के बिना ढके हिस्से पर पसीना आए – (थूजा 30) 

 ● शरीर को अत्यंत कमजोर कर देने वाला पसीना – (फॉस्फोरस 30) 

 ● संगीत का आनंद लेते समय ज्यादा पसीना आना – (टैरेन्टूला 30) 

 ● नींद से जागते ही पसीना आए – (सैम्बुकस 30) 

 ● टायफाइड आदि रोगों के बाद दिन-रात पसीना आए। जरा सा हिलने-डुलने से पसीना बढ़े – (सोराइनम 200) 

 ● रोगी जिस करवट लेटे उसकी दूसरी ओर पसीना आए – (एसिड बेन्जोइक 30) 

 ● पसीने से कपड़े पर पीला दाग पड़े – (कार्बो एनिमेलिस 30) 

 ● सारे शरीर में बेहद पसीना, खास कर जननांगों में – (एसिड फॉस Q, या 6) 

 ● चलते समय बहुत पसीना आए। खाते समय ठंडा पसीना आए – (मर्क सॉल 30) 

 ● श्लेष्मिक झिल्लियों की बेहद खुश्की की वजह से आंख, नाक, जीभ, मुंह, गला, व होंठ खुश्क व सूखे हुए। पसीना बिल्कुल न आए – (नक्स मौस्केटा 6 या 30) 

 ● पसीना रुक जाने से खून भरी टट्टियाँ आने लगे – (नक्स वोमिका 30) 

 ● पसीना रुक जाने से जुकाम या बुखार होने पर – (एकोनाइट 30) 

 ● पसीने की हालत में भीग जाने पर (सर्द गर्म हो जाने पर) खांसी, जुकाम, या बुखार हो – (रस टॉक्स 30 या 200)

दवाओं का सेवन आवश्यकता अनुसार  दिन में 2 या 3 बार किया जा सकता है।

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