गले मे दर्द – Pain in Throat | homeopathological treatment

गले मे दर्द – Pain in Throat

गले मे दर्द स्वरयंत्र (larynx) या टॉन्सिल (tonsil) में सूजन आ जाने के कारण होता है।

 कारण : सर्दी लगना, चोट लगना, ज्यादा तेज बोलना, आबो हवा बदलना आदि।

 लक्षण : गला में दर्द, बुखार, आवाज बैठना, निगलने मे दर्द या कष्टआदि।

  ● अचानक सूखी ठंड लगने के कारण गले मे दर्द, तेज बुखार, बेचैनी – (एकोनाइट 30, दिन में 3 बार) 

 ● गला लाल, सूजा हुआ, निगलने में परेशानी, गले मे सुई गड़ने जैसा दर्द – (बेलाडोना 30, दिन में 3 बार) 

 ● गला सूजा हुआ, सूजी हुई जगह चमकीली, लाल; प्यास न हो, गले मे डंक मारने जैसा दर्द – (एपिस मेल 30, दिन में 3 बार) 

 ● गला पकने से मवाद हो जाए और दर्द हो – (हिपर सल्फ 30, दिन में 3 बार) 

 ● गले मे दर्द; बहुत लार आए, मवाद बनने की पहली अवस्था में – (मर्क सॉल 30, दिन में 3 बार) 

 ● गले मे दर्द, जो ठंडी चीजें पीने से घटे – (फाइटोलक्का 30, दिन में 3 बार) 

 ● जब गले को ढकना या लपेटना असह्य हो – (लैकेसिस 30, दिन में 3 बार) 

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Manoj Kumar
Manoj Kumar
6 months ago

ज्यादा बोलने या भाषण देने पे गला बैठ जाना एवं दर्द भी होने लगना
Please help….

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