गर्भाशय का अपनी जगह से हटना – Prolapse of uterus

गर्भाशय का अपनी जगह से हटना – Prolapse of uterus

जब गर्भाशय अपनी जगह से हट कर आगे-पीछे या नीचे को टेढ़ा हो जाता है। यह गर्भाशय को सही स्थान में रखने वाली मांसपेशियों के ढीला होने की वजह से होता है। बहुत अधिक सहवास, भारी चीजें उठाना, चोट लगना, गिरना या बहुत ज्यादा प्रसव होने के बाद ऐसा होता है।

 ● मुख्य औषधि। रोगिणी योनिद्वार को हाथ से दबाकर रखना चाहती है।  उसे लगता है कि अगर ऐसा नहीं करेगी तो गर्भाशय योनिद्वार से बाहर निकल पड़ेगा – (सीपिया 1M या 10M, 15 दिन में एक खुराक) 

 ● श्वेत प्रदर बहुत मात्रा में हो व गर्भाशय अपने स्थान से हट जाए, लेटने पर रोग बढ़ना – (पल्साटिला 30 या 200, दिन दो या तीन बार) 

 ● यदि चोट लगने या गिरने की वजह से गर्भाशय अपने स्थान से हट जाए – (आर्निका 1M, सप्ताह में एक बार) 

 ● ऐसा लगे कि योनीपथ से पेट की सभी नस नाड़ियां बाहर निकल पड़ेगी। सिर में रक्त का बहुत दबाव व टपकन की तरह दर्द होना – (बेलाडोना 30, दिन में तीन बार) 

 ● ऐसा अनुभव हो कि गर्भाशय योनि से बाहर निकल पड़ेगा। बार-बार पेशाब जाने की इच्छा। सीपिया से आराम ना आने पर दें – (लिलियम टिग 30 या 200, दिन में दो या तीन बार) 

 ● जब पुरानी सूजन के कारण गर्भाशय बाहर निकलने लगे – (औरम म्यूर नेट्रोनेटम 3X, दिन में 3 बार)

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K. S. M
K. S. M
6 months ago

Mere wife ki Prasad ke bad se bachche Dani bahar nikalte rahi hai sir kaun dawa let sakte hai
Age. 30

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