कामोन्माद – Nymphomania | homeopathological treatment

कामोन्माद – Nymphomania

जब स्त्री में कामेच्छा इतनी ज्यादा हो कि वह अपने पर नियंत्रण ना रख पाए तो उस रोग को कामोन्माद कहते हैं।

 ● स्त्री में अत्यधिक कामोत्तेजना। खासकर अविवाहित स्त्रियों में; उत्तेजना इतनी ज्यादा कि हर किसी से संबंध बनाना चाहे – (प्लैटिना 30 या 200, दिन में दो या तीन बार) 

 ● अगर प्लैटिना से आराम ना आए। रोगिणी अंग उघाड़े। कामवासना रोकना उसके वश  से बाहर हो जाए – (फॉस्फोरस 30 या 200, दिन में दो या तीन बार) 

 ● जननांगों में जरा सा भी स्पर्श होने से अत्याधिक कामोत्तेजना हो – (म्युरैक्स 30 या 200, दिन में दो या तीन बार) 

 ● जब योनि में कृमि (worms) पहुंच जाने के कारण योनि को खुजलाने से कामोत्तेजना हो  – (कैलेडियम 30, दिन में 3 बार) 

 ● स्वत: ही जननांगों में बेहद खुजली व बेचैनी, कामोत्तेजना, आलिंगन की इच्छा – (एगेरिकस 30, दिन में 3 बार) 

 ● जब कामोत्तेजना के साथ श्वेत प्रदर की तकलीफ भी हो – (सीपिया 30 एवं पल्साटिला 30, दिन में 3 बार, एक के बाद दूसरी दवा दें) 

 ● रोगिणी बहुत अश्लील हरकतें करती है। अपने जननांगों को उघाड़ती है, बेशर्म हो जाती है – (हायोसाइमस 30 या 200, दिन में दो या तीन बार) 

 ● मासिक धर्म के दौरान बेहद कामोत्तेजना – (स्ट्रामोनियम 30 या 200, दिन में दो या तीन बार)

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