ऋतू शूल – Dysmenorrhoea | homeopathological treatment

ऋतू शूल – Dysmenorrhoea

मासिक धर्म के समय कमर या पेट के निचले हिस्से आदि में कभी कभी असहनीय दर्द होता है l हार्मोन असंतुलन या हार्मोन अस्थिरता ही इसका मुख्य कारण जाना जाता है l आमतौर पर दर्द गर्भाशय की दीवारों में ऐंठन आने से होता है l मासिक स्राव कम होता है और दर्द अधिक l 

● मासिक धर्म के पहले कमर में तेज दर्द , ठण्ड लगना , जी मिचलाना – (कॉलोफ़ाइलम 30, दिन में 3 बार)

● चिडचिडी , क्रोधित व उत्तेजित स्वभाव की स्त्रियों में, मासिक के एक-दो दिन पहले से ही पेट में तेज दर्द, काले रंग के रक्त का मासिक स्राव – (ऐब्रोमा अगस्टा Q)

●  बहुत तेज दर्द के साथ अधिक मात्रा में मासिक स्राव, प्रशव वेदना की तरह दर्द – (कैमोमिला 30 या 200)

● नियमित समय से बहुत पहले मासिक स्राव, बहुत कम मात्रा में, कमर दर्द जैसे की कमर टूट गयी हो , पेट दर्द – ( कॉकुलस इंडिका 30)

●  मासिक स्राव बहुत मात्रा में हर दसवें या पंद्रहवे दिन हो; काला, थक्केदार, दुर्गन्धयुक्त स्राव – (इग्नेशिया 30 या 200)

● स्राव कम होने पर दर्द बढ़ जाता है; और स्राव ज्यादा होने पर दर्द कम हो जाता है, स्राव बहुत देर से व कम मात्रा में होता है – (लैकेसिस 30)

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