उपदंश – Syphilis | homeopathological treatment

उपदंश – Syphilis

यह सम्भोग के दौरान लगने वाला रोग है और संसर्ग से फैलता है एवं इसे फिरंगी रोग भी कहा जाता है l

● रोग के शुरू में जब जख्म की शुरुआत हो – (मर्क सोल 6 या 30)

● जख्म गहरे, जुवान, लैरिंक्स या फेफड़ों में सूजन, नाक छीलने वाला स्राव, आदि – (काली आयोड 6 या 30)

● जब रोग पुराना हो – (सिफिलिनम 200, 30)

● जब रोग के कारण जांघों में गांठ, दर्द, व सूजन हो – (फाइटोलाक्का 30 या 200)

●  जब रोग के कारण दर्द बहुत हो – (एसिड नाएट्रिक 30 या 200)

● जब जख्म सड़ने लगे व जलन हो – (आर्सेनिक 30 या 200)

● जब जख्म पकने पर पीव भर जाये – (साइलिशिया 12X या 30)

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