रक्तचाप का बढ़ना – High Blood Pressure

रक्तचाप का बढ़ना – High Blood Pressure

अधिक मानसिक श्रम या चिंता, शारीरिक श्रम का कम होना,  गरिष्ठ भोजन, भोग विलास, अधिक भोजन करने, मोटापा, शराब धूम्रपान या खानपान की गड़बड़ से शिराओं का कड़ा होना और उनकी फैलने की शक्ति में कमी या रक्त गाढ़ा(अधिक नमक मिर्च  खाने से) होने के कारण रक्तचाप बढ़ जाता है। लक्षण: सिर में दर्द व चक्कर,घबराहट, बेचैनी, दिल में दर्द,नींद न आना आदि।

● प्रमुख दवा। गर्भावस्था में चिकित्सक की देखरेख में ही लें – ( रौवलफिया Q, 10-15 बूंद पानी मे मिलाकर कर दिन में 3 बार)

● कनपटियों में दर्द, गर्मी व धूप से रोग बढ़े – (ग्लोनॉइन 6 या 30, दिन में 3 बार)

● सिर हिलाते ही चक्कर आना, अविवाहितों के लिए खास दवा – (कोनियम 30 या 200 2-3 खुराक)

● जब नींद से उठने के बाद रोग बढ़े। खुले कपड़े पहनने की इच्छा हो – (लैकेसिस 200 या 1M, 2-3 खुराक)

●  मोटे व्यक्तियों में जो मांसाहारी भोजन ज्यादा लेते हैं  -(एलियम सैटाइवा Q)

● दुखी लोगों में जिनमें नमक खाने की इच्छा ज्यादा हो – ( नेट्रम म्यूर 200 या 1M, 2-3 खुराक)

●   अचानक बुरी खबर या घबराहट के कारण रोग – (जलसेमियम 200 या 1M 2-3 खुराक)

●  बूढ़े लोगों के लिए – (बैराइटा म्यूर 3X, दिन में 3 बार)

● सिर दर्द, घबराहट, त्वचा लाल व गर्म लेकिन प्यास ना हो- ( बेलाडोना 30, दिन में 2-3 बार)

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