पेचिश – Dysentery

पेचिश – Dysentery

 बड़ी आंत में घाव होकर मरोड़ के साथ खून एवं आंव मिले व थोड़े-थोड़े दस्त आने को पेचिश कहते हैं।

 कारण : अमीबा नामक जीवाणु या बैसिलस इसका कारण है।

 लक्षण : भूख न लगना, उल्टी या मिचली, पेट मे तेज दर्द व बार बार दस्त, बुखार व दर्द के साथ पाखाना आए।

  ● रोग की प्रथम अवस्था मे जब बुखार, बेचैनी, घबराहट व पेट मे दर्द हो, खास कर सर्दी लगकर रोग पैदा होने पर – (एकोनाइट 30, दिन में 3 बार) 

 ● दस्त में खून की मात्रा बहुत ज्यादा व मल की मात्रा कम हो। दस्त आने से पहले, साथ, और बाद में, (tenesmus), मुंह मे लार भर जाना, और फिर भी प्यास लगे। दस्त जाने के बाद भी मरोड़ बनी रहे – (मर्क कौर 30, दिन में 4 बार) 

 ● दस्त में खून की अपेक्षा आंव की मात्रा बहुत ज्यादा हो – (मर्क सॉल 30, दिन में 3 बार) 

 ● जब आंव के साथ उबकाई भी आए – (इपिकैक 30, दिन में 3 बार) 

 ● नमी वाली जगह पर रहने से या बरसात में रोग वृद्धि – (रस टॉक्स 30, दिन में 4 बार) 

 ● बायोकैमिक औषधि – (बायो नं. 9, दिन में 4 बार) 

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