पित्ती – Urticaria

पित्ती – Urticaria

इसमें शरीर मे जगह जगह ददोड़े होकर फूल उठते हैं, उनमें खुजली व जलन होती है। इसमें कभी-कभी अपने आप आराम आ जाता है। कभी-कभी रोगी का कष्ट अत्यंत बढ़ जाता है।

 ● मुख्य औषधि। चकत्तों में डंक चुभने जैसा आभास; जलन व खुजली। सूजन अधिक, प्यास कम या बिल्कुल न हो – (एपिस मेल 6 या 30, दिन में 4 बार) 

 ● यदि एपिस से फायदा न हो – (अर्टिका यूरेन्स Q या 6, दिन में 4 बार) 

 ● चकत्तों में जलन व खुजली, अत्यधिक बेचैनी। थोड़ा-थोड़ा पानी बार-बार पीने की इच्छा – (आर्सेनिक एल्ब 6 या 30, दिन में 3 बार) 

 ● चकत्तों में जलन व खुजली, ठंड से रोग बढ़े – (रस टॉक्स 30, दिन में 3 बार) 

 ● शराब पीने के कारण पित्ती – (नक्स वोमिका 30, दिन में 3 बार) 

 ● गरिष्ठ या अधिक चिकनाई युक्त भोजन करने के कारण पित्ती। प्यास कम, खुली ठंडी हवा में अच्छा लगे – (पल्साटिला 30, दिन में 3 बार) 

 ● जब रोग पुराना हो और चकत्तों में खुजली रात को बिस्तर की गर्मी से बढ़े – (सल्फर 30, दिन में 2 बार) 

 ● पुराने रोग में जब उपरोक्त दवाओं से फायदा न हो – (एस्टेकस फ्लेवस 30, दिन में 3 बार)

बाह्य प्रयोग के लिए, अर्टिका यूरेन्स Q, की 10-20 बूंदे एक चौथाई कप पानी मे मिला कर चकत्तों पर लगाएं।

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