टेटनस (धनुष्टन्कार) – Tetanus

टेटनस (धनुष्टन्कार) – Tetanus

शरीर पीठ की ओर से धनुष की तरह टेढ़ा हो जाए। यह रोग एक प्रकार के जीवाणु के शरीर में घुसने के कारण होता है। यह जीवाणु प्रायः हाथ पैर में जंग लगे लोहे से कट जाने के कारण हुए घाव से शरीर में प्रवेश करते हैं। 

 लक्षण :  रोगी मुंह नहीं खोल पाता। गर्दन अकड़ जाती है। जबड़े बंद हो जाते हैं। शरीर प्रायः पीठ की तरफ से धनुष के आकार में मुड़ जाता है। कभी-कभी बच्चे की नाल काटते हुए जंग लगा गंदा औजार इस्तेमाल करने से या गंदा कपड़ा बांधने से भी यह जीवाणु शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इसलिए बच्चे की नाल काटते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।

  ● मुख्य दवा – (लीडम पाल 200) 

 ●  यदि कील आदि चुभने के बाद समय पर लीडम न दिया गया हो – (हाइपेरिकम 200)

(आजकल काफी होमियोपैथ ऐसी चोट जो लोहे के औजार, कील, या सड़क पर रगड़ आदि के कारण हो – आर्निका 200, लीडम 200, व हाइपेरिकम 200, तीनों दवाएं देते हैं। ये दवाएं 1M पोटेन्सी में भी दी जा सकती है।)

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