गैस्ट्रोएन्टेराइटिस – Gastroenteritis

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस – Gastroenteritis

अत्यधिक उल्टी व दस्त, जो जानलेवा भी हो सकते हैं।

 ● प्रथम अवस्था में जब अत्यधिक प्यास एवं बेचैनी हो, उल्टी और दस्त बार-बार हो – (आर्सेनिक एल्ब 30, और इपिकैक 30, हर आधे घंटे बाद) 

 ● यदि उल्टी और दस्त लगातार हो, बंद होने का नाम न ले, सारा शरीर ठंडा व नीला पड़ जाए, ठंडा पानी पीने की इच्छा हो – (विरेट्रम एल्ब 30, दिन में 3-4 बार) 

 ● अत्यधिक उल्टी व दस्त के बाद जब रोगी ठंडा पड़ने लगे और हमेशा पंखा करवाना चाहे – (कार्बो वेज 30, दिन में 3-4 बार)

जीवन रक्षक घोल (नमक, चीनी व पानी का मिश्रण), शिकंजी, ग्लूकोज, या अन्य तरल पदार्थ रोगी को जल्दी जल्दी दें जिससे निर्जलन का उपचार हो।

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