क्रोध – Anger

क्रोध – Anger

शारीरिक व मानसिक कमजोरी की वजह से रोगी बहुत चिड़चिड़ा, क्रोधी स्वभाव का हो जाता है। कई बार अन्य कारण भी इस रोग के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

● बच्चों का गुस्सा, गोद मे उठाने से शांत हो जाना। क्रोध के कारण दस्त, खांसी, आदि। – (कैमोमिला 200 या 1M, सफ्ताह में एक बार)

● क्रोध या अपमान के दुष्परिणाम, दूसरे लोगों की प्रतिक्रिया से चिंतित होना – (स्टेफिसेगेरिया 200 या 1M, सफ्ताह में 1 बार)

● चिड़चिड़ा स्वभाव, बदले की भावना, झुंझलाहट, कोई भी रुकावट पसंद नहीं। – (नक्स वोमिका 30, दिन में 3 बार)

● ऐसे लोग जो झगड़े को तत्पर रहते हैं – (लाइकोपोडियम 30 या 200, दिन में 2 बार)

● बच्चों में पेट मे कीड़ा के कारण चिड़चिड़ापन। – (सिना 200, दिन में 2 बार)

●  मोटे थुलथुले लोगों में गुस्सा – (कैल्केरिया कार्ब 200 या 1M, दिन में 2 बार)

● तेज गुस्सा, गुस्से के समय जो भी पास आये उसे मार देना चाहे – (आयोडियम 200, दिन में 2 बार)

● गर्भावस्था के दौरान गुस्सा। – (नक्स मॉस्काटा 30, दिन में 2 बार)

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